
*महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव के नेतृत्व में “स्वच्छोत्सव” का शुभारंभ – पद्मकुंड से शुरू हुई भव्य सफाई एवं श्रमदान यात्रा*
(प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आरंभ हुआ स्वच्छोत्सव, 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक चलेगा अभियान)
खंडवा, आज पूरा देश प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिवस “सेवा पखवाड़ा” के रूप में मना रहा है। इसी अवसर पर नगर निगम खंडवा ने स्वच्छता को समर्पित “स्वच्छोत्सव” का शुभारंभ किया। यह अभियान आज से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक पूरे शहर में चलाया जाएगा।
स्वच्छोत्सव का शुभारंभ खंडवा की प्रथम नागरिक महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव के नेतृत्व में पद्मकुंड से किया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष श्री राजपाल तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े, एमआईसी सदस्य श्री राजेश यादव , श्री सोमनाथ काले, नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत, उपायुक्त श्री एस आर सिटोले,निगम पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी, ड्रीम इंडिया स्कूल की संचालिका पल्लवी सुनेहरिया, वैशाली अग्रवाल स्कूली
बच्चे, इम्पीरियल इंस्टिट्यूट के बच्चे तथा आमजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
*शपथ से प्रारंभ – स्वच्छता का संकल्प*
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता शपथ के साथ किया गया। महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और बच्चों को स्वच्छता के लिए प्रतिबद्ध रहने की शपथ दिलाई।
उन्होंने कहा – “स्वच्छता केवल सफाई नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन की आदत और संस्कार बनना चाहिए। जब हर नागरिक अपने घर, गली और मोहल्ले को साफ रखेगा तभी देश स्वच्छ और स्वस्थ बनेगा।”
*सुरक्षा साधनों के साथ श्रमदान की तैयारी*
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने श्रमदान से पूर्व सभी प्रतिभागियों को दस्ताने, झाड़ू, कचरा एकत्रित करने के पात्र (तसले) आदि उपलब्ध कराए। निगम का यह प्रयास था कि नागरिक सुरक्षित ढंग से श्रमदान में शामिल हों।
*पद्मकुंड परिसर की सफाई – जनभागीदारी का अद्भुत उदाहरण*
बड़ी संख्या में नागरिक, बच्चे और जनप्रतिनिधि एक साथ पद्मकुंड पहुंचे। सभी ने मिलकर तालाब परिसर की गंदगी हटाई। कचरे को एकत्र कर डंपिंग वाहनों तक पहुँचाया गया।
यह दृश्य सचमुच जनभागीदारी का एक जीवंत उदाहरण था, जहाँ समाज के हर वर्ग ने यह संदेश दिया कि – “स्वच्छता सबकी जिम्मेदारी है।”
*महापौर का बच्चों से संवाद – छोटी आदतों से बड़ा बदलाव*
कार्यक्रम के दौरान महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि यदि हम चॉकलेट या टॉफ़ी खाने के बाद रैपर को डस्टबिन न मिलने की स्थिति में अपनी जेब या बैग में रखें और बाद में उचित स्थान पर डालें, तो यह छोटा कदम भी देश को स्वच्छ बनाने में अहम योगदान साबित होगा।
उन्होंने बच्चों को “स्वच्छता दूत” की भूमिका निभाने का आह्वान किया, ताकि वे अपने घरों और मोहल्लों में भी जागरूकता फैला सकें।
*प्लास्टिक प्रतिबंध पर पोस्टर – कपड़े के थैले का संदेश*
पद्मकुंड स्थित मंदिर परिसर में महापौर सहित सभी जनप्रतिनिधियों ने प्लास्टिक प्रतिबंध संबंधी पोस्टर चिपकाए। इस दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे बाजार जाते समय हमेशा कपड़े का थैला लेकर जाएँ और सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करें, न ही किसी और को करने दें।
महापौर ने कहा – “यह शहर तभी प्लास्टिक मुक्त बनेगा जब हर नागरिक खुद संकल्पित होकर कपड़े के थैले का प्रयोग करेगा।”
*नए बस स्टैंड परिसर में भी हुआ श्रमदान*
पद्मकुंड के बाद स्वच्छता यात्रा नए बस स्टैंड पहुँची, जहाँ जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर सफाई कार्य किया। बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह की सफाई न केवल स्वच्छता का संदेश देती है, बल्कि यात्रियों के लिए स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण भी उपलब्ध कराती है।











